आपकी लव लैंग्वेज कौन-सी है?
बीस स्थितियाँ, जो बताएँगी कि आपको सच में प्यार महसूस कराता क्या है, और क्या आपको छूता ही नहीं।
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इस टेस्ट के बारे में
'लव लैंग्वेज' का विचार अमेरिकी वैवाहिक सलाहकार गैरी चैपमैन का है, जिन्होंने 1990 के दशक में यह परिकल्पना मशहूर की: हर इंसान एक पसंदीदा सुर में प्यार देता और लेता है, और रिश्तों की ज़्यादातर गलतफ़हमियाँ उन दो लोगों से आती हैं जो सच्चे दिल से, मगर दो अलग भाषाओं में प्यार करते हैं। उन्होंने पाँच भाषाएँ बताईं: शब्द, साथ बिताया वक़्त, तोहफ़े, छोटे-छोटे काम, और छुअन।
इसकी हैसियत साफ़ कर देनी चाहिए: यह बातचीत के लिए काम का एक लोकप्रिय ढाँचा है, मनोविज्ञान की शोध से प्रमाणित सिद्धांत नहीं। जिन अध्ययनों ने पाँच अलग-अलग श्रेणियों के वजूद और 'एक ही भाषा बोलने' के फ़ायदे को जाँचने की कोशिश की, उन्हें ठोस नतीजे नहीं मिले। अमल में लगभग हर किसी को पाँचों पसंद आती हैं — अलग-अलग मात्रा में, और ज़िंदगी के दौर के हिसाब से।
इसलिए यह टेस्ट इस ढाँचे को उतना ही मानता है जितना यह है: किसी पसंद को नाम देने की एक सहूलियत भरी शब्दावली। ऊपर दी बीस स्थितियाँ यह नहीं पूछतीं कि आप प्यार के बारे में क्या सोचते हैं, बल्कि यह कि आप ठोस तौर पर क्या चुनेंगे: नाश्ते की मेज़ पर रखी एक चिट्ठी या पहले से साफ़ कर दी गई रसोई, दो घंटे की बातचीत या पीठ पर रखा एक हाथ। आपका जवाब उस चीज़ के बारे में कुछ सच्चा बताता है जिसकी कमी आपको चुभती है।
यह कैसे काम करता है
हर जवाब पाँच भाषाओं में से एक को एक अंक देता है। जो टाइप सामने आता है वह वही है जिसे आपने बीस स्थितियों में सबसे ज़्यादा बार चुना — आपके लिए मायने रखने वाला अकेला नहीं, बस वह जो चुनने की नौबत आने पर जीत जाता है।
यह टेस्ट केवल मनोरंजन के लिए है। यह न कोई निदान है और न ही किसी पेशेवर की सलाह।